कोयला

भारत में कोयला की गुणवत्ता ,उत्पादित राज्य तथा घाटी

भारत में ऊर्जा संबंधी जरूरतों को पूरा करने में कोयले का प्रमुख स्थान है इसकी उपयोगिता को ध्यान में रखकर ही इसे "काला सोना" कहा जाता है इसकी सर्वाधिक उपयोगिता विद्युत निर्माण में हैं । देश के कुल 67% विद्युत का उत्पादन कोयला द्वारा ही होता है |

भारत की कुल वाणिज्यिकी ऊर्जा की मांग का 61% आपूर्ति कोयला के द्वारा ही होती है । भारत में कोयला पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है । यह अवसादी शैलो के बीच में पाया जाता है हमारे देश का 87% कोयला ओपन कास्ट माइनिंग तकनीक से निकाला जाता है |

सोन घाटी कोयला क्षेत्र

सोन घाटी कोयला क्षेत्र मुख्य रूप से मध्यप्रदेश में विस्तृत है हालांकि उत्तर प्रदेश के भी कुछ क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं कोयला क्षेत्र के अंतर्गत मुख्य रूप से सीधी , रामकोला , सोहागपुर , उमरिया तथा तातापानी आदि क्षेत्र आते है ।

दामोदर घाटी कोयला क्षेत्र

दामोदर घाटी कोयला क्षेत्र मुख्य रूप से भारत के झारखंड और पश्चिम बंगाल राज्य में अवस्थित हैं तथा कोयला भंडारण के आधार पर इसे देश का सबसे बड़ा कोयला क्षेत्र माना जाता है कोयला खनन की दृष्टि से सबसे विस्तृत क्षेत्र झरिया है जो कि झारखंड राज्य में आता है स्मरणीय रहे कि भारत का सबसे ज्यादा कोकिंग कोयला यही उत्पादित होता है पश्चिम बंगाल में रानीगंज जो मुख्य रूप से कोयला उत्पादक के लिए जाना जाता है वही झरिया के अलावा बोकारो , चंद्रपुरा , रामगढ़ , करणपुरा तथा गिरिडीह आदि झारखंड कोयला क्षेत्र हैं ।

कोयला भंडारण की दृष्टि से देश के पांच राज्य 2011

NO. राज्य भण्डारण ( करोड़ टन में )
1. झारखंड 7893.6
2. ओडिशा 6915.9
3. छतीसगढ़ 4928.0
4. पश्चिम बंगाल 2995.5
5. मध्य प्रदेश 2312.6


कोयला उत्पादन की दृष्टि से देश के पांच शीर्ष राज्य ( 2010-2011 )

NO. राज्य उत्पादन ( हजार टन में )
1. छतीसगढ़ 113824
2. झारखंड 108949
3. ओडिशा 102565
4. मध्य प्रदेश 71104
5. पश्चिम बंगाल 51333


महानद घाटी कोयला क्षेत्र

छत्तीसगढ़ व उड़ीसा प्रांतों में अवस्थित कोयला क्षेत्र मुख्य रूप से महानदी घाटी कोयला क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं जहां छत्तीसगढ़ के कोरबा , चिरमिरी , झिलमिली व विश्रामपुर खेत्र इसके अंतर्गत आने वाले प्रमुख कोयला क्षेत्र हैं वही उड़ीसा के रामपुर हिगिर तथा तालचेर आदि क्षेत्र इसके अंतर्गत आते हैं |

गोदावरी घाटी कोयला क्षेत्र

गोदावरी घाटी कोयला क्षेत्र का विस्तार मुख्य रूप से भारत के आंध्र प्रदेश में है । यहां के मुख्य कोयला खनन क्षेत्र है सिंगरेनी सस्ती व तंदूर ।

राजमहल कोयला क्षेत्र

भारत के झारखंड प्रांत की उत्तरी पूर्वी सीमा राजमहल कोयला क्षेत्र के नाम से जानी जाती हैं । इस क्षेत्र के ललमटिया में कोयले के भंडार है ।

उपभोग की दृष्टि से कोयले के 5 शीर्ष क्षेत्र

NO. क्षेत्र उपभोग का प्रतिशत ( औसतन )
1. विधुत उत्पादन 67%
2. ईंट - भट्टा 8.6%
3. इस्पात उद्योग 5.3 %
4. सीमेंट उद्योग 3.7%
5. उर्वरक 0.5%


वर्धा घाटी कोयला क्षेत्र

वर्धा घाटी कोयला क्षेत्र का विस्तार मुख्य रूप से भारत के महाराष्ट्र प्रांत में है यहां के बल्लारपुर , चंद्रपुर आदि क्षेत्र में मुख्य रूप से कोयला खनन होता हैं ।

सतपुड़ा कोयला क्षेत्र

यह कोयला क्षेत्र मुख्य रूप से मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में अवस्थित है यहां की मुख्य कोयला खनन क्षेत्र नरसिंहपुर में है जोकि सतपुड़ा श्रंखला के मध्य स्थित है इसके अलावा बैतूल जनपद में पाथरखेड़ा ( पेंच घाटी ) कोयला उत्पादन का महत्वपूर्ण केंद्र हैं ।

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