अनुवांशिकता जैव विकास से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

अनुवांशिकता जैव विकास

अप्रभावी लक्षण हमेशा संयुग्मी होते हैं क्यों ?

अप्रभावी लक्षण प्रभाविता की उपस्थिति में अपने लक्षणों को छुपा लेता है अर्थात जब तक प्रभावित उपस्थित होते हैं तब तक अप्रभावी अपने लक्षण प्रकट नहीं करता है इसी कारण अप्रभावी लक्षण हमेशा शुद्ध व संयुग्मी भी होता है |

जैविक विकास किसे कहते हैं ?

लैंगिक जनन करने वाले प्राणियों में अधिक विभिनता उत्पन्न होती है या DNA प्रतिकृति में त्रुटि के कारण विभिनता उत्पन्न होती है जीवो में निरंतर विभिनता उत्पन्न होने से नये जीव व जातियों का निर्माण होता है जिससे जैविक विकास कहते है

जाति क्या है ?

जो जिव आपस में जनन क्रिया करने में सक्षम होते हैं उसे जाति कहते हैं
नई जाति का निर्माण निम्न कारकों पर निर्भर करता है -
1. लैंगिक जनन की विभिन्नताओ के कारण |
2. भौगोलिक पृथक्करण के कारण |
3. DNA प्रतिकृति में त्रुटि के कारण |
4. उतपरिवर्तन के कारण |

वर्गीकरण क्या है ?

वर्गीकरण जीव जंतुओं की समानता व असमानता के आधार पर अलग-अलग भागों में विभाजित करना , वर्गीकरण कहलाता है |

समजात व समवृति अंग किसे कहते हैं ? समझाइए |

समजात अंग :- जीवो में सभी अंग जिन की उत्पत्ति तो समान होती है लेकिन कार्य अलग-अलग होते हैं समजात अंग कहलाते हैं
उदाहरण - मछलियों के अग्र पंख , पक्षियों के पंख , मनुष्यों के हाथ , घोड़े के पैर समजात अंग हैं | इनकी उत्पत्ति तो सामान है लेकिन ये अंग कार्य की आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग आकार ( रूप ) के दिखाई देते हैं इसलिए इन्हें समजात अंग कहते हैं |

समवृति अंग :- वे सभी अंग जिनके कार्य तो समान होते हैं लेकिन इनकी उत्पत्ति अलग अलग होती है समवृति अंग कहलाते हैं |
उदाहरण - पक्षियों के पंख , चमगादड़ के पंख , उड़न छिपकली के पंख और कॉकरोच के पंख समवर्ती अंगों के उदाहरण है क्योंकि इन सभी अंगो का कार्य उडना है लेकिन उत्पत्ति अलग-अलग होती है |

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