बौद्ध धर्म

महात्मा बुद्ध का जीवन परिचय

जन्म :- 568 ई पू.
जन्म स्थान :- कपिलवस्तु से 14 मील दूर लुम्बिनी वन में
पिता का नाम :- शुद्धोधन (कपिलवस्तु के शासक)
माता का नाम :- महामाया (कोलिय की राजकुमारी)
बुद्ध के बचपन का नाम :- सिद्धार्थ
बुद्ध के घोड़े का नाम :- कंथक
बुद्ध के पत्नी का नाम :- यशोधरा
बुद्ध के सारथि का नाम :- चन्ना
बुद्ध के पुत्र का नाम :- राहुल
बुद्ध का चचेरा भाई :- देवदत्त
बुद्ध की मृत्यु :- 488 ई. पू., कुशीनगर (उ. प्र) में
ज्ञान प्राप्ति (केवल्य ) :- बोधगया (पीपल वृक्ष के नीचे)

महात्मा बुद्ध द्वारा 29 वर्ष की अवस्था में गृह त्याग को महाभिनिष्क्रमण कहा गया |
गृह त्याग करने के बाद सिद्धार्थ ने वैशाली के आलारकलाम से सांख्य दर्शन की शिक्षा ग्रहण की | आलारकालाम सिद्धार्थ के प्रथम गुरु हुए |
महात्मा बुद्ध को उरूबेला (बोधगया ) में पीपल के वृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई |
महात्मा बुद्ध ने अपना पहला उपदेश सारनाथ (ऋषिपत्तनम ) में दिया था। बौद्ध परम्परा में इसे धर्मचक्रप्रवर्तन के नाम से जाना जाता है। सारनाथ में ही बौद्ध संघ की स्थापना हुई |
महात्मा बुद्ध ने जनसाधारण को अपने उपदेश पालि भाषा में दिये।
बिम्बिसार, उदयन एवं प्रसेनजित बुद्ध के प्रमुख अनुयायी थे ।
भारत में मूर्ति पूजा की नींव बौद्ध धर्म ने रखी थी।

बौद्ध संगतियां

संगीति आयोजित वर्ष आयोजित स्थल अध्यक्ष राज्यकाल उद्देश्य
प्रथम 488 ई. पू. राजगृह.. महाकस्सप अजातशत्रु बुद्ध के उपदेशों को दो पिटकों विनय पिटक व सुत्त पिटक में संकलित किया गया ।

युद्ध की खड़ी प्रतिमा कृषाण काल में बनाई गई ।
हीनयान अवस्था का विशालतम एवं सर्वाधिक विकसित शैलकृत चैत्यगह कार्ल में स्थित है |
वज़यान बौद्ध धर्म की शाखा सुल्तानी युग में सर्वाधिक प्रभावशाली थी।
नागार्जुन बौद्ध भिक्षु जिसने प्रथम सदी ई. में चीन जाकर बौद्ध कृतियों का चीनी भाषा में अनुवाद किया था। इन्हें भारत का आइंस्टीन भी कहा जाता है।
महायान सम्प्रदाय का उदय आन्ध्र प्रदेश में माना जाता है । महायान एक उत्कृष्ट मार्ग है।
हीनयान निम्न मार्गी व रूढ़िवादी थे। हीनयान सम्प्रदाय के लोग श्रीलंका , बर्मा (म्यॉमार) तथा जावा (इण्डोनेशिया ) आदि देशों में पाये गये हैं।
शून्यवाद (माध्यमिक) व विज्ञानवाद (योगाचार) महायान सम्प्रदाय के अंग हैं।

बुद्ध के जीवन से सम्बन्धित घटनाएँ व प्रतीक

घटनाएँ प्रतीक
जन्म कमल व साँड
गृहत्याग घोड़ा
ज्ञान पीपल (बोधिवृक्ष)
निर्वाण पद चिह्न
मृत्यु स्तूप


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