महमूद गजनवी

महमूद गजनवी

गजनी के शासक सुबुक्तगीन के पुत्र महमूद गजनवी का जन्म 917 ई. में हुआ | महमूद से पूर्व सुबुक्तगीन प्रथम तुर्की शासक था हिन्दूशाही शासक जयपाल के राज्य पर आक्रमण कर उसे पराजित किया ।
सुबुक्तगीन के बाद महमूद गजनवी ने भारत पर 1000 ई. से 1027 ई. तक कुल 17 बार आक्रमण किया ।
महमूद गजनवी के भारतीय आक्रमण का मुख्य उद्देश्य धन की प्राप्ति था। यहाँ उसका साम्राज्य विस्तार का कोई इरादा नहीं था।
बगदाद के खलीफा अल कादिर बिल्लाह ने महमूद गजनवी के पद को मान्यता प्रदान करते हुए उसे “यमीन-उद्‌-दौला” तथा “यमीन-उल-मिल्लाह” की उपाधि दी ।
महमूद के दरबारी इतिहासकार उतबी ने उसके आक्रमणों को जिहाद माना है। जिसका मूल उद्देश्य इस्लाम का प्रसार और बुतपरस्ती (मूर्ति पूजा) को समाप्त करना था।
महमूद ने अपनी सेना की कमान तिलक नामक हिन्दू को सौंपी थी।
महमूद के साथ भारत आने वाले विद्वानों में अलबरूनी , फिरदौसी और उतबी प्रमुख थे।| अलबरूनी की पुस्तक “किताबुल हिन्द” तत्कालीन इतिहास को जानने का एक प्रमुख स्रोत है। अलबरूनी ही पुराणों का अध्ययन करने वाला प्रथम मुस्लिम था।

महमूद गजनवी के 17 आक्रमण :-

क्षेत्र वर्ष शासक
पंजाब का सीमान्त क्षेत्र 1000 ई. जयपाल (हिन्दू शाही)
पेशावर, वैहिन्द 1001 ई. जयपाल (हिन्दूशाही)
मुल्तान 1005 ई. दाऊद करमाथी
भेड़ा 1006-07 ई. बाजीराय
मुल्तान 1007-08 ई. सुखपाल
वैहिन्द, पेशावर 1008-09 ई. आनन्दपाल (हिन्दू शाही) तथा उज्जैन, ग्वालियर, कलिंजर, कन्नौज , दिल्‍ली , अजमेर की संयुक्त सेना
नारायणपुर 1009 ई. स्थानीय शासक
मुल्तान 1010-11 ई. सुखपाल
थानेश्वर 1011-12 ई. राजाराज
निनदुना 1014 ई. त्रिलोचन पाल
कश्मीर 1015-16 ई. संग्राम राज (लोहार वंश)
मथुरा व कन्नौज 1018-19 ई. राज्यपाल (प्रतिहार)
कलिजर 1019 ई. गण्ड चन्देल और त्रिलोचनपाल
कश्मीर 1021 ई. रानी दिद्दा (स्त्री शासक)
ग्वालियर व कलिजर 1022 ई. गण्ड चन्देल
सोमनाथ पर आक्रमण 1025-26 ई. भीम प्रथम
सिन्ध के जाट 1027 ई. जाट


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